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डिप्रेशन का लक्षण और उपाय

डिप्रेशन का लक्षण और उपाय

डिप्रेशन का लक्षण और उपाय- वर्तमान जीवनशैली से जुड़ी हुई एक महत्वपूर्ण समस्या के रूप में उभरा है जिससे कोई भी मनुष्य अछूता नहीं है | आज के दौर में हर इंसान किसी न किसी बीमारी से ग्रसित है जिनमें से कुछ के इलाज संभव भी है तो कुछ के नहीं, परन्तु कुछ ऐसे भी बीमारी है जिसका इलाज मनुष्य स्वयं खुद भी कर सकता है, जैसे की – “डिप्रेशन अर्थात अवसाद”। डिप्रेशन एक मानसिक बिमारी है जिसका इलाज सही रूप से और सही समय पर न किया जाए तो काफी नुकशानदायक भी साबित हो सकती है।

आज के दौर में प्रत्येक मनुष्य अपने कार्यों में इतना व्यस्त हो गया है कि उसे अपने शारीरिक तथा मानसिक स्थिति का जरा भी ख्याल नहीं होता। जीवन में बाकियों से आगे बढ़ने की होड़ मनुष्य को आर्थिक रूप से तो परिपूर्ण कर देता है पर शारीरिक और मानसिक स्थिति को लेकर हर व्यक्ति परेशान ही रहता है। सिर्फ अपने कार्यों पर ध्यान देना और खुद की देखभाल सही रूप से ना करना, मनुष्य द्वारा किसी भी बिमारी का स्वागत करना ही कहलायेगा। तो, आइये आपको डिप्रेशन का लक्षण और उपाय से जुड़ें कुछ जरुरी तथ्यों को बतलाते है, जो इस प्रकार है |


डिप्रेशन का मतलब


डिप्रेशन का लक्षण और उपाय में सर्वप्रथम यह जानना जरुरी है कि डिप्रेशन का क्या मतलब है | प्रत्येक इंसान अपने जिंदगी में किसी न किसी मोड़ पर निराशा तथा हताशा को महसूस करता है। अभिलाषा, संघर्ष तथा असफलता मनुष्य के जीवन के रंग है जो एक के बाद एक कर के मनुष्य के जीवन में आते ही रहते है और कभी कभी तो एकसाथ ही। किसी को अपने परिवार से बिछड़ने का दुःख तो किसी को आर्थिक और व्यावसायिक स्थिति को लेकर दुःख होता है पर ये सामान्य बात है।

परन्तु, यदि किसी मनुष्य को दीर्घ काल (एक से अधिक महीनो तक) दुःख, हताशा, अप्रसन्नता, निराशा तथा लाचारी जैसे एहसास का अनुभव हो और वो व्यक्ति अपनी आम दिनचर्या के कार्यों को सही रूप से करने में असमर्थ हो जाए तो यही दुःख, अप्रसन्नता, निराशा इत्यादि, मनुष्य के जीवन में अवसाद का रूप ले लेते है जिसे हम “डिप्रेशन” के नाम से भी जानते है।


डिप्रेशन क्यों होता है ?


डिप्रेशन का लक्षण और उपाय में दूसरा यह जानना महत्वपूर्ण है कि डिप्रेशन आखिर क्यों होता है | डिप्रेशन को जन्म देने के पीछे बहुत सारे कारणों का हाथ है। जिनके बारे में जान लेना अति आवश्यक है। आइये, डिप्रेशन क्यों होता है? – इसके पीछे के कारणों को जान लेते है :-


• किसी भी मनुष्य के जीवन में किसी बड़े परिवर्तन का होना उस मनुष्य के जीवन में डिप्रेशन को जन्म दे सकता है। ये परिवर्तन किसी भी तरह का हो सकता है, जैसे की – अपने परिवार से अलग होना या किसी भी पारिवारिक सदस्य या प्रियजन को खो देना, जीवन में किसी बड़े दुर्घटना का घटित होना, आर्थिक समस्याओं के बिच घिरना, इत्यादि अर्थात वो सारे परिवर्तन जो मनुष्य के मानसिकता से जुड़ें हुए होते है ।


• कभी कभी मनुष्य के शरीर में डिप्रेशन का जन्म “हार्मोनल बदलाव” के कारण भी होता है जैसे की – थायरॉइड इत्यादि।


• कुछ लोगों में डिप्रेशन, मौसम में बदलाव आने के कारण भी आ जाता है। कुछ लोगो में सर्दियों के दिनों में दिन का छोटा हो जाने के कारण अपनी रोजमर्रा के कार्यों में अरुचि देखा गया है लेकिन सर्दियों के समाप्त होते ही ये सारी आदतें सुधर भी जाती है।


• मनुष्य के मस्तिष्क में “न्यूरोट्रांसमिटर्स” होते है और ये मुख्य रूप से कुछ हार्मोन जैसे की – “सेरोटोनिन”, “डोपामाइन” या “नोरेपाइनफिरिन” – हमारे आनंद और प्रसन्नता के भावनाओं को प्रभावित करते है लेकिन डिप्रेशन में ये असुंतलित हो जाते है और इन्हीं के असुंतलन से मनुष्य को डिप्रेशन होता है।


• कई ऐसे मामले देखे गए है जहाँ डिप्रेशन का कारण अनुवांशिक है। अगर, परिवार में कोई सदस्य पहले से डिप्रेशन का शिकार है या था तो नई पीढ़ी में डिप्रेशन होने के आसार स्वतः ही बढ़ जाते है।


डिप्रेशन का लक्षण


डिप्रेशन का लक्षण और उपाय में इसके लक्षण को जानना महत्वपूर्ण है क्योंकि तभी इसका इलाज संभव हो पाता है | प्रत्येक मनुष्य में डिप्रेशन के अलग-अलग लक्षण देखने को मिलते है, जो इस प्रकार है :


• सारा दिन आलस्य और उदासी का छाया रहना और खास-तौर से सुबह के समय।
• प्रतिदिन थकान और कमजोरी का एहसास होना।
• किसी भी चीज के लिए अपने आप को दोषी मानना।
• हर कार्य को लेकर अपने आप में अयोग्यता नजर आना।
• एकाग्रता तथा निर्णय क्षमता में कमी आना।
• प्रतिदिन देर तक सोना या नींद नहीं आना और देर तक जगे रहना।
• मन में खुद को दुःख पहुंचाने या आत्महत्या का विचार आना।
• शरीर के वजन में अचानक से बढ़ोतरी या गिरावट दिखना।
• आलस्य और बेचैनी का बढ़ जाना।


डिप्रेशन से बाहर कैसे निकले ?


डिप्रेशन का लक्षण और उपाय में इसके लक्षण को जानने के बाद सर्वाधिक महत्वपूर्ण होता है कि आखिर इससे बाहर कैसे निकले |यहाँ डिप्रेशन से बाहर निकलने के कुछ उपायों को बताया गया है, जो निम्नानुसार है :


• यदि किसी व्यक्ति को लगे की वो डिप्रेशन का शिकार हो रहा है तो उसे किसी डॉक्टर से परामर्श अवश्य लेना चाहिए।
• खुद के लिए समय निकाले और दुर्लभ लक्ष्य ना बनाएं।
• अकेले रहने से बचें, जितना हो सके जो काम पसंद है वो करें या दोस्तों के साथ समय बिताएं।
• उदासी वाले गानें न सुने तथा उन लोगों से भी दूर रहें जो आप में उदासी भरतें हो।
• अपने अंदर किसी भी बात को दबा कर ना रखें, अपने किसी विश्वासी दोस्त या किसी डॉक्टर से जरूर बतलायें।
• अपने आप को प्रसन्न और उत्साहित रखने का कोशिश करे। यदि आप प्रसन्न रहेंगे तो तो दुनिया भी आपका ही साथ देगी।
• सकारात्मकता से भरी किताबें पढ़ें, जैसे की – सकारात्मक कहानियाँ।
• “आर्ट ऑफ़ पॉजिटिव लिविंग” या “मोटिवेशनल कोट्स” का भी लाभ उठायें।
योग और ध्यान का सहारा लें। अपने दिनचर्या में प्राणायाम को भी शामिल करें।


डिप्रेशन का लक्षण और उपाय : ईलाज


यहाँ हम आपको डिप्रेशन का इलाज बता रहें है, जो इस प्रकार है|

डिप्रेशन का लक्षण और उपाय : आहार


• भरपूर मात्रा में जल का सेवन करें तथा जिन फलों में जल की मात्रा अधिक हो उनका सेवन ज्यादा करें ।
• ऐसा भोजन ले जिसमे सारे पोषक तत्व तथा विटामिन्स हो।
• मौसमी फल तथा हरे साग-सब्जी का सेवन करें ।
• चुकन्दर में बहुत सारे पोषक तत्व होते है जैसे की – विटामिन्स, फोलेट, मैग्नेशियम, यूराडाइन इत्यादि। इसलिए चुकन्दर का सेवन अवश्य करें।
• ओलिव-आयल का उपयोग अपने भोजन में अवश्य करें। ओलिव-आयल में “एंटी-ऑक्सिडेट्स” और “मोनोसैचुरेटेड-फैटी-एसिड्स” होते है जो की ह्रदय रोग तथा डिप्रेशन को खत्म करने में सहायता करते है।
• डिप्रेशन के रोगियों को या तो बहुत अधिक भूक लगती या फिर वो भोजन करना ही नहीं चाहते। इन्हें जंक फ़ूड, तैलीय पदार्थों वाला भोजन तथा बासी भोजन से दूर रहना चाहिए। इन्हें सात्विक भोजन करने की सलाह दी जाती है ।

डिप्रेशन का लक्षण और उपाय : जीवनशैली


• खान-पान के साथ-साथ, अपने जीवनशैली में भी बदलाव करें, दोस्तों के साथ समय बिताएं तथा अकेले ना रहें।
• अपने विश्वासपात्र मित्र से अपने मन की बातों को अवश्य बताएं।
• अपने हार्मोन सिस्टम को सही करने के लिए, अपनी दिनचर्या में प्राणायाम को भी शामिल करें।
• मॉर्निंग वाक पर जरूर जाएँ तथा दोस्तों के साथ भी बाहर सैर पर जाएँ।
• ध्यान और योग का सहारा लें।


डिप्रेशन का पक्का इलाज


डिप्रेशन के पक्के इलाज के लिए किसी डॉक्टर से अवश्य ही परामर्श लेना चाहिए तथा आपको इन सभी निम्नलिखित चीजों को जरूर करना चाहिए, जो इस प्रकार है :-

बातचीत के उपचारों द्वारा डिप्रेशन का पक्का इलाज


“कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी” (सी.बी.टी)


इस प्रक्रिया से यह पता लगाया जाता है कि आपकी सोच-विचार तथा आपका व्यवहार, आप पर कैसा असर करती है |


“ऑनलाइन सीबीटी”


इस प्रक्रिया से आमने-सामने न होकर, कंप्यूटर या मोबाइल के द्वारा ऑनलाइन डॉक्टर द्वारा आपकी सोच-विचार तथा आपका व्यवहार देखा जाता है जो की “कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी” में होता है।


“पारस्परिक चिकित्सा” (आई.पी.टी) :


इस प्रक्रिया से यह पता लगाया जाता है कि आपका, आपके रिश्तेदारों तथा अन्य लोगों के साथ कैसा सम्बन्ध है।


“मनोवेगीय मनोचिकित्सा”(साइकोडाइनामिक-साइकोथेरेपी) :


इस प्रक्रिया से यह पता लगाया जाता है कि आपके दिमाग में क्या चल रहा है, वो सारी चीजें जिनके कारण आप अपने मन में घुटते जा रहें है और ऐसी चीजें जो आपके लिए काफी समस्या भी खड़ी कर सकती है।

दवाओं के द्वारा डिप्रेशन का पक्का इलाज


“एंटीडिप्रेसेंट्स” (अवसादरोधी-दवाएं) :
ये दवाएं अवसाद अर्थात डिप्रेशन का इलाज करने में सक्षम है। मध्यम और गंभीर डिप्रेशन के रोगी इन दवाओं के द्वारा अपना इलाज करते है जिनसे उन्हें काफी फायदा होता है।
“सेलेक्टिव सेरोटोनिन रिअप्टेक इनहिबिटर”:
जब किसी डिप्रेशन के रोगी पर “एंटीडिप्रेसेंट्स” की डोज़ का असर नहीं पड़ता तब डॉक्टर रोगी को “सेलेक्टिव सेरोटोनिन रिअप्टेक इनहिबिटर” की डोज़ देते है। “सेलेक्टिव सेरोटोनिन रिअप्टेक इनहिबिटर” दवाएं, जैसे की – ‘फ्लुओक्सेटीन’ (प्रोज़ैक), ‘सीतालोप्राम’ (सिप्रामिल) तथा ‘पैरोक्सेटीन’ (सैरोक्सैट)।
“ट्राइसाइक्लिक एंटीडिप्रेसेंट्स” :
‘ट्राइसाइक्लिक एंटीडिप्रेसेंट्स’, “एंटीडिप्रेसेंट्स” दवाओं का ही समूह है। इसमें “इमिप्रेमाइन”(इमिप्रामिल) और “एमिट्रिप्टिलाइन” मौजूद है। ये दवाएं मनुष्यों के मष्तिस्क में “सेरोटोनिन” और “नॉराड्रेनालिन” रसायनों को बढ़ा देते है ।

डिप्रेशन का घरेलू इलाज


यहाँ हम आपको, डिप्रेशन के कुछ घरेलू उपाय बता रहें है, कुछ ऐसे भोज्य पदार्थ जिन्हें आप अपने भोजन में शामिल कर के डिप्रेशन के बुरे प्रभाव से बच सकते है, जो इस प्रकार है :

काजू से करें डिप्रेशन का घरेलू इलाज :


4 से 5 काजू को पीस लें और एक कप दूध में मिलाकर मिश्रण बनाये तथा उसका सेवन करें। इसका सेवन करने से डिप्रेशन का असर बहुत हद तक कम होता है। यह डिप्रेशन में बहुत जल्द असर करता है।

बेर और जायफल से करें डिप्रेशन का घरेलू इलाज :


5 से 6 ‘बीज-रहित’ बेर लें तथा उसे पीस लें और उसका रस निकाल लें, अब उस रस में आधी चम्मच पीसी हुई जायफल मिला लें और दिन में दो बार इस मिश्रण का इसका सेवन करें।

ब्राह्मी और अश्वगंधा से करें डिप्रेशन का घरेलू इलाज :


एक-एक चम्मच ब्राह्मी तथा अश्वगंधा के पाउडर को मिला लें तथा एक गिलास जल के साथ नियमित रूप से सेवन करें।

निम्बू, हल्दी तथा शहद के मिश्रण से करें डिप्रेशन का घरेलू इलाज


2 कप पानी में एक-एक चम्मच निम्बू का रस, हल्दी तथा शहद मिला लें और इस मिश्रण का सेवन प्रतिदिन करें। यह मिश्रण डिप्रेशन को कम करने में मदद करता है ।

सेब से करें डिप्रेशन का घरेलू इलाज


सेब शारीरिक तथा मानसिक, दोनों के लिए ही उत्तम है इसलिए प्रतिदिन सुबह खाली पेट एक या 2 सेब का सेवन करें।

इलायची से करें डिप्रेशन का घरेलू इलाज :


इलायची का सेवन डिप्रेशन को कम करता है, इसके लिए आप इसका सेवन “हर्बल चाय” में मिलाकर कर सकते है या फिर 2 इलायची को पीस कर एक गिलास गर्म पानी में उबाल लें फिर उस पानी को पी लें।


डिप्रेशन का आयुर्वेदिक इलाज


यहाँ हम आपको, डिप्रेशन के कुछ आयुर्वेदिक इलाज बता रहें है, कुछ ऐसी प्रक्रियाएं है जिनसे डिप्रेशन के बुरे प्रभाव से बचा जा सकता है, जो इस प्रकार है :

शिरोधरा से करें डिप्रेशन का आयुर्वेदिक इलाज


शिरोधरा अर्थात सिर पर तेल अथवा पदार्थ का ढ़ालना। इस प्रक्रिया से डिप्रेशन के रोगियों का तनाव कम हो जाता है।

वमन से करें डिप्रेशन का आयुर्वेदिक इलाज


वमन अर्थात औषधियों से रोगियों को उल्टी करवाई जाती है। आयुर्वेद की इस प्रक्रिया से डिप्रेशन के रोगियों को बहुत जल्द लाभ मिलता है।

रसायन से करें डिप्रेशन का आयुर्वेदिक इलाज


रसायन अर्थात ऊर्जादायक। ये प्रक्रिया मनुष्य के देह से बिषाक्त पदार्थों को निष्काषित करता है तथा आराम पहुंचता है।
इसके साथ-साथ, मुलेठी, ब्राह्मी, अश्वगंधा, शतावरी जैसे जड़ी-बूटियों का सेवन करने से भी डिप्रेशन कम होता है । “चंदनासव” तथा “सारस्वतारिष्ट” भी डिप्रेशन को कम करता है।

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