सम्यक आचरण

सम्यक आचरण , सही प्रकार से किया जाने वाला कर्म है | सम्यक आचरण संस्कृत में 'सम्यक कर्मान्त' एवं पाली भाषा में 'सम्यक कम्मन्तो' के रूप में उल्लेखित है |…

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कौन सा काम करें ?

मनुष्य को अपने जीवन- निर्वहन के कोई न कोई आजीविका का चयन  अथवा काम करना ही होता है | मनुष्य के ऊपर उसके परिवार के भरण -पोषण की भी महत्वपूर्ण…

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कैसे बोलना चाहिए !

सम्यक्‌ वचन को पालि भाषा में मूलतः सम्यक वाक् के रूप में जाना जाता है | सम्यक्‌ वाक्  का  तात्पर्य है की बात करने या बोलने का सही तरीका क्या…

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अष्टांगिक मार्ग

निर्वाण अथवा मोक्ष प्राप्ति के लिए 'अष्टांगिक मार्ग ' को पाली भाषा में "अरिया अथांगिका मग्गा" के रूप में जाना जाता है, जबकि संस्कृत भाषा में "आर्यअष्टांगमार्ग " के रूप…

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दुःख का अंत

सभी आध्यात्मिक प्रक्रिया का सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न है कि इस जीवन में दुःख का अंत संभव है या नहीं। आत्मज्ञान के बाद भगवान बुद्ध ने परम सत्य का अनुभव किया…

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दुःख क्यों हैं ?

दु:ख के सत्य की स्वीकृति से ही आध्यात्मिक प्रक्रिया का प्रारंभ माना जाता है | यद्यपि उससे ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि दु:ख का कारण क्या है | सबसे महत्वपूर्ण…

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दुःख है |

भगवान बुद्ध की सर्वाधिक महत्वपूर्ण शिक्षा चार आर्य सत्य है | इन्हे केवल सत्य नहीं बल्कि आर्य सत्य कहा जाता है | इन्हे दो महत्वपूर्ण कारणों से आर्य सत्य कहा…

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समता

समता का अर्थ प्रत्येक परिस्थिति में समान भाव या समभाव की अवस्था है | चाहे सामान्य जीवन हो या आध्यात्मिक जीवन- दोनों में ही समता भाव का विशेष महत्व है…

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जागरूकता

दुनिया के सभी धर्मो एवं आध्यात्मिक पद्धतियों के अध्ययन के पश्चात् जो एक चीज सबसे महत्वपूर्ण रूप में सामने आती है वह है -जागरूकता | जागरूकता ही होश की अवस्था…

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ब्रह्मचर्य

ब्रह्मचर्य संस्कृत के दो शब्दो - ब्रह्म और चर्य के मेल से बना है | ब्रह्म का अर्थ ईश्वर और चर्य का अर्थ आचरण से है | इस प्रकार ब्रह्मचर्य…

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