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कोरोना वायरस के बारे में जानकारी | corona virus ke bare me jankari

कोरोना वायरस के बारे में जानकारी | corona virus ke bare me jankari

कोरोना वायरस के बारे में जानकारी सर्वाधिक महत्वपूर्ण हैं क्योंकि कोरोनावायरस अथवा Covid-19 की चपेट में आज पूरी दुनिया आ चुकी है । जहाँ एक तरफ दुनिया जितनी तेजी से आगे बढ़ रही थी वही दूसरी तरफ कोरोनावायरस पूरी तेजी से दुनिया में फैलता जा रहा जिसके कारण मानव मृत्यु का स्तर दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है । कोरोनावायरस अथवा Covid-19 बीमारी चीन से शुरू होकर पूरी संसार को ही अपने चपेट में ले चुकी है और इस कारण के वजह से वैश्विक संगठन द्वारा कोरोनावायरस अथवा Covid-19 को महामारी करार दे दिया गया है। तो, आइये जानते है कोरोना वायरस से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण जानकारियाँ:

कोरोनावायरस के बारे में 

कोरोना वायरस के बारे में जानकारी के सम्बन्ध में सर्वाधिक महत्वपूर्ण है -इस वायरस के बारे में जानना |कोरोनावायरस एक समूह है विषाणुओं अथवा वायरस का, यह स्तनधारियों तथा पक्षियों में रोग अथवा बिमारी उत्पन्न करता है। इन विषाणुओं के कारण मानव के श्वसन तंत्र में संक्रमण उत्पन्न हो सकता है और ये बिमारी मानव में सर्दी-जुकाम से शुरू होकर बहुत ही गंभीर स्तिथि ले सकती है अथवा जानलेवा भी हो सकती है ।

कोरोना वायरस के बारे में जानकारी दवा 

आमतौर पर तो कोरोना वायरस के बारे में जानकारी की ऐसी कोई भी दवा उपलब्ध नहीं है जो इस बात की पुष्टि कर सके की वह कोरोनावायरस अथवा Covid-19 जैसे गंभीर महामारी का अंत करने में सक्षम है परन्तु दुनिया के बहुत सारे देशो ने अपनी-अपनी दवाएं प्रस्तुत की और उन्हें इंसानों पर आजमाया भी गया। तो, आइये जानते है उन्ही कुछ दवाओं के बारे में:

कोरोना वायरस की दवा डेक्सामेथासोन : ब्रिटेन के कुछ विशेषज्ञों के अनुसार डेक्सामेथासोन की कम मात्रा में भी वह क्षमता है जो कोरोना वायरस जैसे बीमारी का भी अंत कर सकती है। कोरोना वायरस की दवा डेक्सामेथासोन सबसे पहले और सबसे सस्ती दवा जो बाजार में उपलब्ध कराई गई।  

कोरोना वायरस की दवा रेमडेसिवीर : WHO के द्वारा ट्रायल करने पर कोरोना वायरस की दवा रेमडेसिवीर ने एक सकारात्मक परिणाम दिया। ये दवा सबसे पहले इबोला जैसी माहमारी को दूर करने के लिए 2014 में उपयोग में लाइ गई थी। कोरोना वायरस की दवा रेमडेसिवीर एक एंटीवायरल दवा है। बहुत ही गंभीर रूप से कोरोनावायरस के चपेट में आये मरीजों को ये दवा दी जा रही है।  अमेरिका के कुछ विशेषज्ञों के अनुसार कोरोना वायरस की दवा रेमडेसिवीर को कुछ गंभी मरीजों पर इश्तेमाल किया गया और उनमें 11 से 15 दिनों में ही सुधार भी पाया गया। 

कोरोना वायरस की दवा फ़ैबिफ़्लू : रेमडेसिवियर की तरह फ़ैबिफ़्लू भी एक एंटीवायरल दवा है जिसका उपयोग कोरोनावायरस अथवा Covid-19 के माइल्ड और मॉडरेट मरीजों पर किया जाता है और इस दवा के इश्तेमाल से मिलने वाले परिणाम भी काफी सकारात्मक ही पाए गए। 

कोरोना वायरस की दवा रिटोनावीर/लोपिनावीर : यह दवा आमतौर पर तो HIV का खात्मा करती है परन्तु कुछ मरीजों पर इसका परीक्षण करने पर सकारात्मक परिणाम पाया गया तथा कुछ पर इसका नाकारत्मक परिणाम भी पाया गया। 

कोरोना वायरस की दवा फेवीपिरवीर : फेवीपिरवीर एक एंटीवायरल दवा है।  साथ ही कोरोना वायरस की दवा फेवीपिरवीर का इस्तेमाल एंटी-इन्फ्लूएंजा के तौर पर भी किया जाता है। इसे फ्यूजीफिल्म टोयामा केमिकल लिमिटेड, जापान के द्वारा निर्मित किया गया था। भारत में कोरोना वायरस की दवा फेवीपिरवीर को बंनाने की मंजूरी ग्लेनमार्क फार्मास्यूटिकल्स और स्ट्राइड्स फार्मा को दिया गया है ।

कोरोना वायरस की दवा प्लाज्मा थेरेपी द्वारा : प्लाज्मा थेरेपी द्वारा कोरोना वायरस की चपेट से बाहर आ चुके मरीजों के शरीर में मौजूद प्लाज्मा को उन मरीजों के शरीर में डाला जाता है जो कोरोना वायरस का शिकार है, यह प्लाज्मा कोरोना वायरस से ग्रसित लोगो में एंटी बॉडी का निर्माण करते है। कोरोना वायरस की दवा प्लाज्मा थेरेपी पर अभी भी डॉक्टरी शोध चल रही है। 

कोरोना वायरस की दवा हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन : कोरोना वायरस पर हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन की एंटी मलेरिया ड्रग के प्रभाव को लेकर पूरी दुनिया में हर तरफ बहस चल रही है। कोरोना वायरस से ग्रसित ऐसे मरीज जिन्हें सर्दी, बदन दर्द तथा बुखार हुए तथा वो भी जो गंभीर रूप से कोरोना वायरस के चपेट में आ गये उन सब पर कोरोना वायरस की दवा हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन का इस्तेमाल किया गया तथा परिणाम भी अच्छे ही साबित हुए। 

कोरोना वायरस की दवाइटोलीजुमैब : कोरोना वायरस की ये दवा आमतौर पर त्वचा से सम्बंधित रोग में इस्तेमाल किया जाता है । इस दवा का निर्माण भारत में 2013 में हुआ था। दिल्ली तथा मुंबई में कोरोना वायरस क्र चपेट में आये लोग जो कि गंभीर अवस्था में थे या फिर 1st स्टेज में, परिणाम सकारात्मक ही निकला ।

कोरोना वायरस जैसे गंभीर माहमारी के लिए अभी तक विशेष रूप से कोई भी दवा तैयार नहीं हो पाई है। परन्तु, इसे मुमकिन करने के लिए दुनिया भर के डॉक्टरों तथा विशेषज्ञों ने अपनी जान लगा दी है। 

कोरोना वायरस के बारे में जानकारी कैसे बना

लोगो का कहना है कि कोरोना वायरस चीन में, एक चमगादड़ ने आकाश में उड़ते हुए अपने लीद के ज़रिए कोरोना वायरस को जन्म दिया था और वही चीन के किसी जंगल के ज़मीन पर गिरा और संभवतः पैंगोलिन नाम का एक जंगली जानवर ने उसे सूंघा और कोरोना वायरस का शिकार हुआ और उस पैंगोलिन नाम का जंगली जानवर से कोरोना वायरस सबमे फ़ैल गया। इसके बाद वह वायरस संक्रमित पैंगोलिन नाम का जंगली जानवर से अन्य जानवर में तथा फिर उन जानवरो से इंसानो में फ़ैल गया। 

वैसे तो वैज्ञानिक तथा कुछ विशेषज्ञ ये साबित करने पर लगे हुए है कि कोरोना वायरस जानवरों के कारण फैला है परन्तु ये किसी बनी-बनाई कहानी जैसी ही लगती है। 

कोरोना वायरस के बारे में जानकारी कैसे फैला

कोरोना वायरस के बारे में जानकारी में सबसे ज्यादा लोगों की उत्सुकता इसमें हैं कि यह वायरस कैसे बना |आइये अब हम आपको बताएंगे कि कोरोनावायरस कैसे फैला, कोरोना वायरस से ग्रस्त लोगो के संपर्क में आने से यह बीमारी इंसानों से इंसानों में फैलती है। यदि कोरोना वायरस से ग्रस्त इंसान ख़ास दे या छींक दे तो उनकी खासी तथा छींक से निकली पानी की बून्द में कोरोना के वायरस होते है जिसके संपर्क में कोई भी इंसान आ जाए तथा वो वायरस अगर आँख, नाक और मुँह के अंदर प्रवेश कर गए तो उस इंसान को कोरोना नामक भयंकर बीमारी हो जाती है।  इस बिमारी से ग्रस्त लोगो से हमे 1 मीटर या 3 फ़ीट तक की दूरी बनाये रखनी चाहिए |

कोरोना वायरस के बारे में जानकारी लक्षणे 

कोरोना वायरस के बारे में जानकारी में इस वायरस के संक्रमण के लक्षणों को जानना इससे बचाव और रोकथाम में अति महत्वपूर्ण है | कोरोना वायरस से ग्रस्त होने पर आमतौर पर तो कोरोना वायरस के लक्षण 2 से 14 दिनों के बाद ही दीखते है। ज्यादातर ये लक्षण बहुत सौम्य ही होते है और सामान्य रूप से लोगो द्वारा इसकी उपेक्षा भी की जाती है।  कुछ लोगो के कोरोना वायरस के चपेट में आने पर भी उनमे कोरोना वायरस लक्षण नहीं दीखते। यदि आपने हाल में कोरोना वायरस के कन्टेनमेंट ज़ोन में यात्रा किया है और आप कोरोना वायरस से ग्रस्त है तो आपके संपर्क में आने वाले सभी लोग तथा आपके परिवार वाले भी कोरोना वायरस के गिरफ्त में आ सकते है। अब कोरोना वायरस के लक्षणों को देखते है।

1st स्टेज के लक्षण :  

  1. सर्दी,
  2. बुखार,
  3. थकान तथा
  4. कमजोरी। 

2nd स्टेज के लक्षण :

  1. सर्दी,
  2. बुखार,
  3. थकान तथा
  4. कमजोरी,
  5. नाक का बहना,
  6. नाक का बंद होना,
  7. सूखी खाशी,
  8. गले में खराश,
  9. सांस लेने में कठिनाई होना,
  10. सिर दर्द होना,
  11. आँखों में सूजन होना तथा
  12. 2 से 3 दिन के बाद आँख आ जाना और आँखों का पूरे तरह से लाल पड़ जाना।
  13. दश्त लगना ।
  14. पूरे शरीर पर खुजली के साथ लाल चकते का निशान बनना। 
  15. खाने में कोई भी स्वाद नहीं मिलना ।
  16. किसी भी तरह का महक का एहसास नहीं होना ।
  17. उँगलियों पर लाल निशान बन जाना ।

3rd स्टेज के लक्षण :

  1. सांस लेने में परेशानी उत्पन्न होना। 
  2. छाती में तेज दर्द का उठना। 
  3. चलने और बोलने में भी काफी दिक्कत आना।

कोरोना वायरस के बारे में जानकारीकहां से आया है

  

कोरोना वायरस के बारे में जानकारी में आम लोगों में यह भी रहस्यपूर्ण तथ्य हैं की यह कहाँ से आया | साथ ही इस तथ्य के बारे में वैश्विक स्तर पर मत -मतान्तर का दौर भी जारी हैं | कोरोना वायरस कहां से आया इसे लेकर बहुत सारी मान्यताएं हैं. कुछ का दावा है कि कोरोना वायरस जानवरों से इंसानों में पहुंचा. लेकिन कौन से जानवर से, इसे लेकर अब भी कोई पुख़्ता सबूत सामने नहीं आ सका है। कुछ लोगो का दावा है कि कोरोना वायरस पेंगोलिन से इंसानों में पहुंचा तो कुछ लोगो का कहना है कि चमगादड़ के कारण कोरोना वायरस फ़ैल गया है।

परन्तु कुछ ऐसे भी लोग है जिनका मानना है कि यह चीन के ‘वेट-मार्केट’ से आया है। लोगो का मानना है कि चीन में कई प्रकार के जंगली जानवरों का इस्तेमाल खाने में और दवाइयां बनाने में किया जाता है और कोरोना वायरस वहीं से इंसानों के अंदर आया। कहा जा रहा था कि चमगादड़ के वजह से ही कोरोना वायरस दुनिया में फ़ैल रहा था और यही दलील भी दी जा रही थी कि चीन के वुहान नामक शहर में ‘जानवरों की मंडी’ से ये वायरस उत्पन्न होकर इंसानों में प्रवेश कर गया और इसके बाद ये पूरी दुनिया में ही फैल गया।

कोरोना वायरस के बारे में जानकारी कब खत्म होगा 

कोरोना वायरस के बारे में जानकारी कि यह कब समाप्त होगा कुछ भी निश्चित तौर पर नहीं कहा जा सकता | यद्यपि वैज्ञानिक एवं रिसर्च जगत अपने आकलन एवं प्रायिकता के आधार पर अनुमान अथवा सम्भावना व्यक्त कर रहें है | PCU के अंतर्गत फिजिक्स डिपार्टमेंट के प्रोफेसर अशोक कुमार जी के अनुसार, भारत में दिन प्रति दिन कोरोना वायरस के केस बढ़ते ही जा रहे हैं. लेकिन, इस साल अक्टूबर महीने के अंत तक देश में कोरोना का प्रभाव लगभग समाप्त होने का अनुमान लगाया गया है। भारत के कुछ राज्यों के ऊपर मिलने वाले आंकड़ों को यहाँ एक सूचीबद्ध तरीके से दर्शाया गया है :

  • हरियाणा में कोरोना वायरस का प्रभाव लगभग जून तक खत्म होने की संभावना है।  
  • राजस्थान तथा उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस का प्रभाव अगस्त के दूसरे हफ्ते तक खत्म होने की संभावना है।  
  • उत्तराखंड में कोरोना वायरस का प्रभाव जून के पहले हफ्ते में समाप्त होने की उम्मीद है।
  • हिमाचल प्रदेश में कोरोना वायरस का प्रभाव जून के अंतिम महीनो तक का समय ले सकता है ।
  • केरल में कोरोना वायरस का प्रभाव अभी फाइनल स्टेज पर है और यहाँ जून के पहले सप्ताह तक कोरोना वायरस का प्रभाव समाप्त होने की उम्मीद है।  
  • दिल्ली में कोरोना वायरस का प्रभाव अक्टूबर महीने के दूसरे सप्ताह तक खत्म होने के आसार है। 
  • गुजरात में कोरोना वायरस का प्रभाव सितंबर महीने के दूसरे सप्ताह तक समाप्त होने के आसार दिख रहे है। 
  • जम्मू और कश्मीर में कोरोना वायरस का प्रभाव अगस्त के दूसरे सप्ताह तक समाप्त होने के आसार दिख रहे है।  
  • महाराष्ट्र और तामिलनाडु में कोरोना वायरस का प्रभाव सितंबर के दूसरे सप्ताह तक रहेगा। 
  • ओडिशा और पश्चिम बंगाल में कोरोना वायरस का प्रभाव नवंबर के पहले सप्ताह या दिसंबर के अंत तक देखे जा सकते है।   

कोरोना वायरस के बारे में जानकारी रोकथाम  

  1. कोरोनावायरस रोकथाम के लिए जो सबसे ज्यादा जरुरी है वह है सोशल डिस्टेंसिंग रखना।
  2. अपने दोनों हाथों को जितना ज्यादा हो सके बार-बार धोना और अपने सफाई का खास ध्यान रखना।
  3. हमेशा मास्क का उपयोग करें।
  4. बाहर से घर पर लाई गई किसी भी वस्तु को सबसे पहले सैनिटाइज करें, फिर उस वस्तु  का उपयोग करें।
  5. अपने चेहरे और आंखों पर बार बार अपने हाथ नहीं लगाने है।
  6. छींकने और खांसने के समय अपने नाक तथा मुंह को किसी रूमाल से ढक ले।
  7. आप अपने इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में पूरा ध्यान दे और आप अपनी डाइट में पौष्टिक आहार को शामिल करें।
  8. पूरे दिन में एक बार हल्दी वाला दूध जरूर पियें।
  9. प्रतिदिन गुनगुने पानी पीने का ही आदत डालें।
  10. समय-समय पर अपने शरीर का तापमान का जांच करे और अपने श्वसन लक्षणों को भी अनदेखा ना करें।         

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